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शिर्डीत १२-१३ जून रोजी पीएचडीसीसीआयची तिसरी जागतिक आध्यात्मिक पर्यटन परिषद - सिंहस्थ कुंभमेळा २०२७-२८ महाराष्ट्राच्या आध्यात्मिक पर्यटन विकासाचा केंद्रबिंदू
नवी दिल्ली, दि. १० जून २०२६ : पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स अँड इंडस्ट्री (PHDCCI) यांच्या वतीने, भारत सरकारच्या पर्यटन मंत्रालय, महाराष्ट्र पर्यटन, महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडळ (MTDC) आणि श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट, शिर्डी यांच्या सहकार्याने ‘रूहमॅन्टिक : पीएचडीसीसीआयची तिसरी जागतिक आध्यात्मिक पर्यटन परिषद’ दि. १२ व १३ जून २०२६ रोजी श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्टच्या नवीन शैक्षणिक संकुलातील सांस्‍कृतिक सभागृहात आयोजित करण्यात आली आहे. 
भारताच्या वेगाने वाढणाऱ्या आध्यात्मिक पर्यटन क्षेत्राच्या भविष्यासंदर्भात विचारमंथन करण्यासाठी या परिषदेत धोरण निर्माते, पर्यटन क्षेत्रातील तज्ज्ञ, मंदिर प्रशासक, हॉटेल व आदरातिथ्य क्षेत्रातील प्रतिनिधी, ट्रॅव्हल कंपन्या तसेच विविध आध्यात्मिक संस्थांचे प्रतिनिधी सहभागी होणार आहेत. यंदाच्या परिषदेचा विशेष भर नाशिक-त्र्यंबकेश्वर येथे होणाऱ्या सिंहस्थ कुंभमेळा २०२७-२८ वर असून, या महोत्सवाला महाराष्ट्राच्या आध्यात्मिक पर्यटन विकासासाठी आणि जागतिक पर्यटन आकर्षण वाढविण्यासाठी महत्त्वपूर्ण संधी म्हणून पाहिले जाणार आहे. 
परिषदेचे प्रमुख अतिथी म्हणून भारत सरकारच्या पर्यटन मंत्रालयाचे सचिव श्री भुवनेश कुमार (आयएएस) उपस्थित राहणार आहेत. तसेच श्री निलेश आर. गटणे (आयएएस), व्यवस्थापकीय संचालक, एमटीडीसी; श्री गोरक्ष गाडीलकर (आयएएस), मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट, शिर्डी; श्री मंगेश जोशी (आयएएस), संचालक, महाराष्ट्र पर्यटन संचालनालय; सौ. जयश्री विष्णू थोरात, अध्यक्षा, शिर्डी नगर परिषद, शिर्डी; तसेच श्री अभय शेळके पाटील, उपाध्यक्ष, शिर्डी नगर परिषद, शिर्डी हे मान्यवर परिषदेला मार्गदर्शन करणार आहेत. 
उत्तर प्रदेश शासनाचे अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृती व धार्मिक कार्य) श्री अमृत अभिजात (आयएएस) यांचे विशेष आभासी (Virtual) प्रमुख भाषण हेही परिषदेचे आकर्षण ठरणार आहे. 
या परिषदेदरम्यान PHDCCI-KPMG यांच्या संयुक्त विद्यमाने तयार करण्यात आलेल्या “From Darshan to Destination: The Transformation of Spiritual Tourism in India” या अहवालाचे प्रकाशन होणार आहे. यात्रेकरूंच्या बदलत्या प्रवृत्ती, नव्या पर्यटन संकल्पना, आवश्यक पायाभूत सुविधा, डिजिटल परिवर्तन आणि श्रद्धा-आधारित पर्यटनाचा वाढता आर्थिक प्रभाव यावर या अहवालात सविस्तर प्रकाश टाकण्यात आला आहे. 
परिषदेत पुढील विषयांवर विशेष सत्रे आयोजित करण्यात आली आहेत :
‘सिंहस्थ २०२७ : कुंभ ते आध्यात्मिक पर्यटन कॉरिडॉर’ – सिंहस्थ कुंभमेळ्याच्या माध्यमातून प्रादेशिक विकास आणि जागतिक दर्जाचे आध्यात्मिक पर्यटन परिसंस्था उभारण्याविषयी चर्चा.
‘२४ तास आध्यात्मिक अनुभवांची निर्मिती’ – रात्रकालीन पर्यटन, सांस्कृतिक कार्यक्रम आणि पर्यटक सहभाग वाढविण्याच्या संधींचा आढावा.
‘श्रद्धेची वास्तुरचना’ – मंदिर वास्तुकला, वारसा संवर्धन आणि सांस्कृतिक कथन यांचा पर्यटन अनुभवावर होणारा परिणाम.
‘रूहमॅन्टिक रिफ्लेक्शन्स’ – अध्यात्म, आरोग्य आणि सजग प्रवास (Mindful Travel) यांतील वाढता संबंध. 
परिषदेच्या निमित्ताने सहभागी प्रतिनिधींना श्री साईबाबा समाधी मंदिराचे दर्शन तसेच नाशिक आणि त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग येथे अभ्यासदौरा (Familiarization Visit) आयोजित करण्यात आला आहे. यामुळे महाराष्ट्राच्या समृद्ध आध्यात्मिक वारशाचा प्रत्यक्ष अनुभव घेण्याची संधी मिळणार आहे.

*शिर्डी में 12-13 जून को पीएचडीसीसीआई का तीसरा वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन –

    सिंहस्थ कुंभ 2027-28 महाराष्ट्र के आध्यात्मिक पर्यटन विकास का केंद्रबिंदु-

नई दिल्ली, दिनांक 10 जून 2026 :- पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, महाराष्ट्र पर्यटन, महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल (MTDC) तथा श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट, शिर्डी के सहयोग से “रूहमांटिक : पीएचडीसीसीआई का तृतीय वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन” 12 एवं 13 जून 2026 को श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट के नवीन शैक्षिक संकुल स्थित सांस्कृतिक सभागार में आयोजित किया जा रहा है।

भारत के तीव्र गति से विकसित हो रहे आध्यात्मिक पर्यटन क्षेत्र के भविष्य पर विचार-विमर्श करने के उद्देश्य से आयोजित इस सम्मेलन में नीति-निर्माता, पर्यटन विशेषज्ञ, मंदिर प्रशासक, होटल एवं आतिथ्य उद्योग के प्रतिनिधि, ट्रैवल कंपनियाँ तथा विभिन्न आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस वर्ष सम्मेलन का विशेष केंद्रबिंदु नाशिक-त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाला सिंहस्थ कुंभ 2027-28 रहेगा, जिसे महाराष्ट्र के आध्यात्मिक पर्यटन विकास तथा वैश्विक पर्यटन आकर्षण बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव श्री भुवनेश कुमार (आईएएस) उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त श्री निलेश आर. गटणे (आईएएस), प्रबंध निदेशक, एमटीडीसी; श्री गोरक्ष गाडीलकर (आईएएस), मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट, शिर्डी; श्री मंगेश जोशी (आईएएस), निदेशक, महाराष्ट्र पर्यटन संचालनालय; श्रीमती जयश्री विष्णु थोरात, अध्यक्ष, शिर्डी नगर परिषद; तथा श्री अभय शेलके पाटील, उपाध्यक्ष, शिर्डी नगर परिषद सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

उत्तर प्रदेश शासन के अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक कार्य) श्री अमृत अभिजात (आईएएस) का विशेष वर्चुअल मुख्य भाषण भी सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

सम्मेलन के दौरान PHDCCI-KPMG द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई रिपोर्ट “From Darshan to Destination: The Transformation of Spiritual Tourism in India” का विमोचन किया जाएगा। इस रिपोर्ट में यात्रियों की बदलती प्रवृत्तियों, नई पर्यटन अवधारणाओं, आवश्यक आधारभूत सुविधाओं, डिजिटल परिवर्तन तथा आस्था-आधारित पर्यटन के बढ़ते आर्थिक प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

सम्मेलन में निम्नलिखित विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे—

• ‘सिंहस्थ 2027 : कुंभ से आध्यात्मिक पर्यटन कॉरिडोर’ – सिंहस्थ कुंभ के माध्यम से क्षेत्रीय विकास एवं विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर चर्चा।

• ‘24 घंटे के आध्यात्मिक अनुभवों का निर्माण’ – रात्रिकालीन पर्यटन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा पर्यटक सहभागिता बढ़ाने के अवसरों का विश्लेषण।

• ‘श्रद्धा की वास्तुकला’ – मंदिर वास्तुकला, विरासत संरक्षण एवं सांस्कृतिक कथाओं का पर्यटन अनुभव पर प्रभाव।

• ‘रूहमांटिक रिफ्लेक्शन्स’ – अध्यात्म, स्वास्थ्य और सजग यात्रा (Mindful Travel) के बीच बढ़ते संबंधों पर विचार-विमर्श।

सम्मेलन के अवसर पर प्रतिभागियों के लिए श्री साईबाबा समाधि मंदिर दर्शन तथा नाशिक एवं त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का अध्ययन भ्रमण (Familiarization Visit) भी आयोजित किया गया है। इससे प्रतिभागियों को महाराष्ट्र की समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।

Shirdi to Host PHDCCI's 3rd Global Spiritual Tourism Conference on June 12–13

Simhastha Kumbh 2027–28 to be the Focal Point of Maharashtra's Spiritual Tourism Development

New Delhi, June 10, 2026: The third Global Spiritual Tourism Conference, titled “Ruhmantic: PHDCCI's Third Global Spiritual Tourism Conference,” is being organized by PHD Chamber of Commerce and Industry (PHDCCI) in collaboration with the Ministry of Tourism, Maharashtra Tourism, Maharashtra Tourism Development Corporation, and Shri Saibaba Sansthan Trust. The conference will be held on June 12 and 13, 2026, at the Cultural Auditorium of the New Educational Complex of Shri Saibaba Sansthan Trust, Shirdi.

The conference aims to discuss the future of India's rapidly growing spiritual tourism sector. Policymakers, tourism experts, temple administrators, representatives from the hospitality industry, travel companies, and spiritual organizations from across the country will participate.

This year's special focus will be on the Simhastha Kumbh 2027–28, which is being viewed as a significant opportunity to boost Maharashtra's spiritual tourism development and enhance its appeal as a global tourism destination.

The chief guest for the conference will be Bhuvnesh Kumar, Secretary, Ministry of Tourism, Government of India. Other distinguished speakers include:

Nilesh R. Gatne, Managing Director, MTDC

Goraksh Gadilkar, Chief Executive Officer, Shri Saibaba Sansthan Trust, Shirdi

Mangesh Joshi, Director, Maharashtra Directorate of Tourism

Jayshree Vishnu Thorat, President, Shirdi Municipal Council

Abhay Shelke Patil, Vice President, Shirdi Municipal Council

A special virtual keynote address by Amrit Abhijat, Additional Chief Secretary (Tourism, Culture and Religious Affairs), Government of Uttar Pradesh, will also be a major attraction of the conference.

During the event, PHDCCI and KPMG will jointly release a report titled “From Darshan to Destination: The Transformation of Spiritual Tourism in India.” The report provides an in-depth analysis of changing traveler preferences, emerging tourism concepts, infrastructure requirements, digital transformation, and the growing economic impact of faith-based tourism.

Key Conference Sessions

“Simhastha 2027: From Kumbh to a Spiritual Tourism Corridor” – Discussions on regional development and the creation of a world-class spiritual tourism ecosystem through Simhastha Kumbh.

“Creating 24-Hour Spiritual Experiences” – Analysis of opportunities in night tourism, cultural programs, and enhanced visitor engagement.

“Architecture of Faith” – Exploring the influence of temple architecture, heritage conservation, and cultural storytelling on tourism experiences.

“Ruhmantic Reflections” – Discussions on the growing relationship between spirituality, wellness, and mindful travel.

As part of the conference, participants will also be offered a visit to the Shri Saibaba Samadhi Mandir and a familiarization tour of the Trimbakeshwar Jyotirlinga. The tour will provide firsthand experience of Maharashtra's rich spiritual and cultural heritage.

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