शिर्डीत 'विश्व श्री साई स्पंदन' सोहळा भक्तीमय वातावरणात संपन्न; जगभरातील १,००० हून अधिक मंदिरे 'डिजिटल' माध्यमातून जोडली
शिर्डी,
श्री साईबाबा संस्थान विश्वस्त व्यवस्था, शिर्डी आणि ग्रीन अँड क्लीन शिर्डी फाऊंडेशन यांच्या संयुक्त विद्यमाने आयोजित ऐतिहासिक 'विश्व श्री साई स्पंदन' (Vishwa Shree Sai Spandan) सोहळा, शनिवारी (दि. १०) सायंकाळी अत्यंत उत्साहात आणि भक्तिमय वातावरणात पार पडला.
या सोहळ्याचे मुख्य आकर्षण म्हणजे 'डिजिटल साई दरबार' (Digital Sai Darbar). तंत्रज्ञानाच्या या अनोख्या उपक्रमाद्वारे देश-विदेशातील १,००० हून अधिक श्री साई मंदिरे आणि लाखो साईभक्त शिर्डीच्या पवित्र भूमीशी थेट जोडले गेले होते.
कार्यक्रमाची ठळक वैशिष्ट्ये:
भव्य डिजिटल साई दरबार: श्री साईबाबा संस्थानच्या श्री साईबाबा सांस्कृतिक भवनात ४०x२० फुटांची भव्य एलईडी स्क्रीन (LED Wall) उभारण्यात आली होती. या स्क्रीनवर झूम (Zoom) द्वारे जोडलेली जगभरातील विविध मंदिरे आणि तेथील भाविक एकाच वेळी दिसत होते. यामुळे "भाविकांनी शिर्डीत बाबांचे दर्शन घेतले आणि शिर्डीने भाविकांच्या भक्तीचे दर्शन घेतले," असा एक अभूतपूर्व 'दुहेरी संवाद' (2-Way Divine Connection) साधला गेला.
सामूहिक स्तवनमंजिरी पठन: "एकाच वेळी, एकाच स्वरात, संपूर्ण विश्व" (One Time, One Chant, One World) या संकल्पनेनुसार, सायंकाळी ६:२० वाजता शिर्डीसह जगभरातील सर्व जोडलेल्या मंदिरांमध्ये एकाच वेळी 'श्री साईनाथ स्तवनमंजिरी'चे सामूहिक पठन करण्यात आले. यामुळे संपूर्ण वातावरण साईमय झाले होते.
शिर्डी परिक्रमा २०२६ ची घोषणा: या जागतिक सोहळ्याच्या निमित्ताने आगामी 'शिर्डी परिक्रमा २०२६' ची (Shirdi Parikrama 2026) अधिकृत घोषणा करण्यात आली. यावेळी परिक्रमेचा मार्ग, तारीख आणि महत्त्व विशद करणारे एक विशेष सादरीकरण करण्यात आले.
जागतिक शांती संकल्प: कार्यक्रमाची सुरुवात दीप प्रज्वलनाने झाली. त्यानंतर श्री साईबाबा संस्थानचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री. गोरक्ष गाडीलकर (IAS) आणि इतर मान्यवरांच्या उपस्थितीत जागतिक शांततेसाठी वैदिक मंत्रोच्चारात 'संकल्प' सोडण्यात आला.
कार्यक्रमाचा समारोप महाआरतीने झाला. यावेळी एलईडी वॉलवर जगभरातील विविध मंदिरांमध्ये एकाच वेळी आरती होतानाचे दृश्य विलोभनीय होते. जे साईभक्त प्रत्यक्ष किंवा मंदिरात उपस्थित राहू शकले नाहीत, त्यांच्यासाठी या संपूर्ण सोहळ्याचे थेट प्रक्षेपण युट्यूब (YouTube) आणि इतर सोशल मीडिया माध्यमांवर करण्यात आले होते.
हा सोहळा यशस्वी करण्यासाठी श्री साईबाबा संस्थान आणि ग्रीन अँड क्लीन शिर्डी फाऊंडेशनच्या तांत्रिक टीम आणि स्वयंसेवकांनी विशेष परिश्रम घेतले
शिर्डी:
श्री साईबाबा संस्थान विश्वस्त व्यवस्था, शिर्डी तथा ग्रीन एंड क्लीन शिर्डी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक ‘विश्व श्री साई स्पंदन’ समारोह शनिवार (दिनांक 10) की संध्या अत्यंत उत्साहपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा ‘डिजिटल साई दरबार’। इस अभिनव तकनीकी पहल के माध्यम से देश-विदेश के 1,000 से अधिक श्री साई मंदिरों और लाखों साई भक्तों को शिर्डी की पावन भूमि से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा गया।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ:
भव्य डिजिटल साई दरबार:
श्री साईबाबा संस्थान के श्री साईबाबा सांस्कृतिक भवन में 40x20 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन स्थापित की गई थी। इस स्क्रीन पर ज़ूम के माध्यम से दुनिया भर के विभिन्न मंदिरों और वहां उपस्थित श्रद्धालु एक साथ दिखाई दे रहे थे। इससे यह अद्वितीय अनुभूति साकार हुई कि “भक्तों ने शिर्डी में बाबा के दर्शन किए और शिर्डी ने भक्तों की भक्ति के दर्शन किए” — एक अनुपम द्वि-दिशात्मक दिव्य संवाद (2-Way Divine Connection)।
सामूहिक स्तवनमंजिरी पाठ:
“एक समय, एक स्वर, एक विश्व” (One Time, One Chant, One World) की संकल्पना के अंतर्गत सायं 6:20 बजे शिर्डी सहित विश्वभर के जुड़े हुए मंदिरों में एक साथ ‘श्री साईनाथ स्तवनमंजिरी’ का सामूहिक पाठ किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण साईमय हो उठा।
शिर्डी परिक्रमा 2026 की घोषणा:
इस वैश्विक समारोह के अवसर पर आगामी ‘शिर्डी परिक्रमा 2026’ की आधिकारिक घोषणा की गई। इस दौरान परिक्रमा का मार्ग, तिथि एवं आध्यात्मिक महत्व को दर्शाने वाली विशेष प्रस्तुति दी गई।
वैश्विक शांति संकल्प:
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात श्री साईबाबा संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गोरक्ष गाडीलकर (आईएएस) एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विश्व शांति हेतु संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का समापन महाआरती से हुआ। इस दौरान एलईडी वॉल पर विश्वभर के मंदिरों में एक साथ हो रही आरती का दृश्य अत्यंत मनोहारी रहा। जो साई भक्त प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके, उनके लिए इस संपूर्ण समारोह का सीधा प्रसारण यूट्यूब एवं अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर किया गया।
इसऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने हेतु श्री साईबाबा संस्थान तथा ग्रीन एंड क्लीन शिर्डी फाउंडेशन की तकनीकी टीम और स्वयंसेवकों ने विशेष परिश्रम किया।
Shirdi:
The historic ‘Vishwa Shree Sai Spandan’ ceremony, jointly organized by the Shree Saibaba Sansthan Trust, Shirdi, and the Green and Clean Shirdi Foundation, was held on Saturday evening (10th) with great enthusiasm and deep spiritual fervor.
The key highlight of the event was the ‘Digital Sai Darbar’. Through this unique technological initiative, more than 1,000 Shree Sai temples from India and abroad, along with millions of Sai devotees, were directly connected to the sacred land of Shirdi.
Key Highlights of the Event:
Grand Digital Sai Darbar:
A massive 40x20 ft LED wall was installed at the Shree Saibaba Cultural Hall of the Sansthan. Using Zoom connectivity, devotees and priests from Sai temples across the globe appeared simultaneously on the screen. This created a unique experience where “devotees had darshan of Baba in Shirdi, and Shirdi witnessed the devotion of the devotees”—an unprecedented two-way divine connection.
Collective Recitation of Stavan Manjiri:
Following the theme “One Time, One Chant, One World,” a synchronized collective recitation of ‘Shree Sainath Stavan Manjiri’ was conducted at 6:20 PM simultaneously in Shirdi and all connected temples worldwide, enveloping the atmosphere in deep devotion.
Announcement of Shirdi Parikrama 2026:
On the occasion of this global spiritual gathering, the official announcement of ‘Shirdi Parikrama 2026’ was made. A special presentation highlighted the proposed route, schedule, and spiritual significance of the pilgrimage.
Global Peace Resolution:
The program commenced with the ceremonial lighting of the lamp. This was followed by a Vedic chant-based resolution for world peace, led by the Chief Executive Officer of Shree Saibaba Sansthan, Mr. Goraksh Gadilkar (IAS), in the presence of other dignitaries.
The ceremony concluded with the Maha Aarti. Visuals of Aarti being performed simultaneously at Sai temples across the world displayed on the LED wall created a mesmerizing sight. For devotees unable to attend in person, the entire event was live-streamed on YouTube and other social media platforms.
The successful execution of this landmark event was made possible by the dedicated efforts of the technical teams and volunteers of the Shree Saibaba Sansthan Trust and the Green and Clean Shirdi Foundation. ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने हेतु श्री साईबाबा संस्थान तथा ग्रीन एंड क्लीन शिर्डी फाउंडेशन की तकनीकी टीम और स्वयंसेवकों ने विशेष परिश्रम किया।



