श्री साईबाबा संस्थान विश्वस्तव्यवस्था, शिर्डी, नाट्य रसिक मंच, शिर्डी आणि शिर्डी ग्रामस्थ यांच्या संयुक्त विद्यमाने गुरूवार दिनांक १३ ऑगस्ट, २०२६ ते गुरुवार दिनांक २० ऑगस्ट २०२६ याकालावधीत चालणा-या श्रीसाईसच्चरित पारायण सोहळ्याला आज मंगलमय वातावरणात सुरुवात झाली असून आज सकाळी समाधी मंदिरातून श्रींच्या श्री साईसच्चरित ग्रंथाची व फोटोची हनुमान मंदिर व व्दारकामाई मार्गे रथातुन श्री साईआश्रम (१ हजार रुम) येथील पारायण मंडपापर्यंत सवाद्य मिरवणूक काढण्यात आली. या मिरवणूकीत संस्थानचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर यांनी पोथी, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी भिमराज दराडे यांनी विणा तर प्रशासकिय अधिकारी संदिपकुमार भोसले व प्र. कामगार अधिकारी शरद डोखे यांनी श्रींची प्रतिमा, व मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर यांच्या सुविद्य पत्नी सौ. वंदना गाडीलकर यांनी कलश घेवून सहभाग घेतला. यावेळी नाट्य रसिक मंच, शिर्डी यांचे पदाधिकारी, शिर्डी ग्रामस्थ व साईभक्त मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.
श्री साईबाबा संस्थान विश्वस्तव्यवस्था, शिर्डी, नाट्य रसिक मंच, शिर्डी और शिर्डी ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार, 13 अगस्त, 2026 से गुरुवार, 20 अगस्त, 2026 तक आयोजित होने वाले श्री साईसच्चरित पारायण समारोह की आज मंगलमय वातावरण में शुरुआत हुई। आज सुबह समाधि मंदिर से श्री की श्री साईसच्चरित पोथी और तस्वीर की हनुमान मंदिर व द्वारकामाई के रास्ते रथ द्वारा श्री साईआश्रम (1 हजार कमरे) स्थित पारायण मंडप तक बाजे-गाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर ने पोथी, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी भीमराज दराडे ने वीणा, प्रशासनिक अधिकारी संदीपकुमार भोसले व प्रभारी श्रम अधिकारी शरद डोखे ने श्री की तस्वीर तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर की धर्मपत्नी श्रीमती वंदना गाडीलकर ने कलश धारण कर भाग लिया। इस अवसर पर नाट्य रसिक मंच, शिर्डी के पदाधिकारी, शिर्डी के ग्रामीण और बड़ी संख्या में साईं भक्त मौजूद थे।
Under the joint auspices of Shri Saibaba Sansthan Trust, Shirdi, Natya Rasik Manch, Shirdi, and the villagers of Shirdi, the Shri Sai Satcharitra Parayan festival, taking place from Thursday, August 13, 2026, to Thursday, August 20, 2026, commenced today in an auspicious atmosphere. This morning, a ceremonial procession with traditional music carried the Shri Sai Satcharitra holy book and Shri's portrait on a chariot from the Samadhi Temple via the Hanuman Temple and Dwarkamai to the Parayan Pandal at Shri Sai Ashram (1,000 rooms). In the procession, Chief Executive Officer of the Sansthan, Goraksha Gadilkar, carried the holy book; Deputy Chief Executive Officer, Bhimraj Darade, carried the Veena; Administrative Officer, Sandipkumar Bhosale, and Acting Labour Officer, Sharad Dokhe, carried Shri's portrait; and Mrs. Vandana Gadilkar, wife of the Chief Executive Officer, carried the Kalash. Office bearers of Natya Rasik Manch, Shirdi, Shirdi villagers, and a large number of Sai devotees were present on the occasion.

